Thursday, October 13, 2011

Radhake manme basgye Shyam Bihari

Radhake manme basgye Shyam Bihari
Shyam rangme ranggyi Radha, Krsna rangme ranggyi
Bhooli sudh budh sari

Shyam naamki chunar orhe, Shyam naamki churhiya
Ang angme Shyam semaye, mitgyi sari dooriyan
Kanonme kundal gal vejayanti, mala laage pyari

Beth kadambki dali Kenheiya, murli madhur bajaaye
Sanj sakare murli ke swar, Radha Radha gaye
Is murli ki taan pe jaye, yeh duniya balihaari

Adhar sudharas murli raaje, Kanha raas rachaye
Krsna rachyiya Radha rachna, prem sudha bersaye
Prem magan ho sab hi bolo, Jai ho Bangke Bihare 

मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो ♥ ♥ गौरी


♥ ♥ गौरी

वृन्दवन कमल करंद है
रसिक करत रसपाल दुल्हन पियरी राधिका
दूल्हा श्याम सुजान
ऐसे वर को क्या करू जो जन्मे और मर जाये

पर ये गिरधर लाल को चुन लो अमर हो जाये
आओ मेरी सखी मुझे मेहँदी लगा दो
मेहँदी लगा दो मुझे ऐसे सजा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

सत्संग में मेरी बात चलाई
सतगुरु ने मेरी कीनी रे सगाई
उनको बुलाके हथलेवा तो करा दो
मुझे स्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

ऐसी पहनू चूड़ी जो कभी ना टूटे
ऐसा चुनु दूल्हा जो कबहू ना छुटे
अटल सुहाग की बिंदिया लगा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

ऐसी ओढूँ चुनरी जी रंग नहीं छुटे
प्रीत का धागा कबहू नहीं टूटे
आज मेरी मोतियों से माँग भरा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

भक्ति का सुरमा मै आँख में लगाऊगी
दुनिया से नाता तोड़ उन्ही की हो जाऊँगी
सतगुरु को बुलाके फेरे टी डलवा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो

बांध के घुँघर में उनको रिझाऊँगी
लेके एकतारा में श्याम श्याम गाऊँगी
सतगुरु को बुला के डोली तो सजा दो
सखियों को बुला के विदा तो करा दो
मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो ♥ ♥ गौरी

ये रथ जा रहा किस ओर,कहाँ चले हे नंदकिशोर.


ये रथ जा रहा किस ओर
कहाँ चले हे नंदकिशोर.
जा रहा क्यूं व्रज को तू छोड़
हमसे सारे रिश्तों को तोड़.

ज़रा बता दे गलती हमारी
हो गया क्या हमसे कसूर.
क्षण का विरह सहा नही जाता
जा रहा तू अब इतनी दूर.

दिन को बांसुरी बजा बुलाया
रात को संग में रास रचाया.
कैसी आग लगी मथुरा में कि
तूने आज वो सब कुछ भुलाया.

प्यार था तेरा या था छलावा
अपनापन का था वो दिखावा.
हम तो ठहरी गावं की ग्वालन
प्रेम समझ उसे सिर पे चढ़ाया.

व्रज के रक्षक कहलाते थे और
आज प्राण हमारे लिए जा रहे.
हम हुए थे तेरे सबको छोड़
आज जाके अपनी किसे कहे.

निकुंज की बातें,कुञ्ज की क्रीड़ा
क्या सब थी वो तेरी चाल.
हो गए तुम कैसे निर्मोही कि
दिखता नही तुझे हमारा हाल.

बिन देखे तुझे मर भी न पाए
जीने की तो आस ही नही.
सोचना भी हो रहा है दुष्कर
कि होगा कान्हा पास नही.

यूँ न हम तुझे जाने देंगी
रोक दो रथ यही-का-यही.
हमसे होकर गुजरेगा होगा
अगर तुझे जाना है कही.

तुझसे हम और तू ही न हो
ऐसी जिंदगी हम क्या करे.
तेरे बिना जीने से अच्छा
सामने ही हम तेरे मरे.

मेरी भक्ति कभी न छूटे

हे गोपाल मेरे
हे गोविन्द मेरे
देखो ये माया
कैसे मुझे घेरे

कभी तन को दे पीडा
कभी मन को उलझन
चाहे दूर करना तुझसे
दूरी न हो पाए भगवन

कैसा भी हो संकट
किसी भी विपदा
तेरा नाम ही हो
मेरे होठों पे सदा.

कितना भी तडपाये मुझको माया
कितनी भी दुर्बल हो मेरी काया
महसूस करूँ मै हरपल तेरी छाया
तेरी लीलों में हो मन हर पल समाया .

इतना करना हे गोविन्द कि
मेरी भक्ति कभी न छूटे
टूटे चाहे जग के सब रिश्ते
पर मेरा रिश्ता तुझसे न टूटे

CHARAN

राधा रानी के चरण प्यारे प्यारे......

♥♥जय श्री राधे कृष्ण.♥♥

♥♥jai shree radhey.♥♥

radha darsan


Decorating the Pure Brajabāsīs Devotees of Shri Rādhā

Radha charan darshan